सोच बदलो, समाज बदलेगा-विवेक गुप्ता

बिहार के सिवान जिले में जन्मे श्री विवेक गुप्ता, अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता, बिज़नेस मैनेजमेंट में बैचलर डिग्री दिल्ली से करने के बाद मुम्बई यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री बिज़नेस मैनेजमेंट में की और आज मुंबई स्तिथ इकतारा ग्रुप के चेयरमैन है। विवेक गुप्ता जी आज शिक्षा, एंटरटेनमेंट, हेल्थ, इंफोटेनमेंट, इवेंट मैनेजमेंट में कुशल रूप से एक मुकाम हासिल की। आज इकतारा ग्रुप अलग अलग छेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है, महज 19 साल की उम्र में इन्होंने व्यापार जगत में अपनी कदम रख दी थी, बहुत से उतार चढ़ाव, कई तरह की प्रीतिस्थियो से लड़ते हुए अपना एक अलग पहचान बनाने में सफल रहे। इनका कहना है, जब हम कोई भी व्यापार करते है, कमाते है, किसी को सोना चांदी नही खाना होता है, एक इंसान को अच्छे से जीने के लिए रोटी चावल जरूरी है, तो क्यों नही हम अपने कमाई से अपने समाज के लिए कुछ करे, समाज से कमाया हुआ पैसा समाज के जरूरतमंद लोगों को वितरित करे, जरूरतमंद के चेहरे पे जो खुसी आती है, उससे बड़ा दुनिया मे कुछ नही है। बचपन से समाज सेवा में रुचि रहने की वजह से इन्होंने "इकतारा फॉउंडेशन" सामाजिक संस्था की स्थापना की, जो शिक्षा, कला,हेल्थ, महिला शशक्तिकरण, किन्नर व अनाथ बच्चो के लिए कार्य करती है। आज देश विदेश में इकतारा फॉउंडेशन एक अलग स्तर पे अपने कार्य का लोहा मनवा चुका है।


इस फाउंडेशन में मुख्य रूप से अम्बेसडर बॉलीवुड एक्टर व कॉमेडियन श्री सुनील पाल, सेलिब्रिटी एंकर व मॉडल डॉक्टर सौंदर्या गर्ग, फैशन डिज़ाइनर डॉक्टर विशाल कपूर, बॉलीवुड एस्ट्रोलॉजर डॉक्टर ज्योति झंगियानी, ट्रांसजेंडर ॐ पवन यादव है, जो इकतारा फाउंडेशन के मिशन को घर घर पहुचाने में हर प्रकार कोशिश कर रहे है। विवेक गुप्ता जी का कहना है, हमारे संस्था का एक ही उद्देश्य है, इकतारा एक ऐसा परिवार बने जहा लाखो लोग एक दूसरे की सुख दुख में साथ रहे। जबसे लॉकडौन हुआ है, मुम्बई के झोपड़पट्टी में खुद विवेक गुप्ता जी अपने टीम के साथ जाकर लोगो की जरूरत समझ रहे है, और उन तक जरूरी अनाज दे रहे है, इसके साथ मीडिया से जुड़े लोग जो स्माल स्केल में है, उनतक भी कोशिश कर रहे है कि कोई भी भूखा न रहे सबको दो वक्त की अनाज घर मे रहे जिससे वो दैनिक जीवन को खुशी से जी सके। फ़िल्म इंडस्ट्री के भयावह स्तिथि को देखते हुए बैकस्टेज व स्टेज आर्टिस्ट के लिए इकतारा एंटरटेनमेंट एसोसिएशन का गठन किया गया, जिसमे उन कलाकारों जैसे तकनीशियन, कैमरामैन, स्पॉट बॉय , स्माल स्केल सिंगर्स, कॉमेडियन जैसे लोगो को भी मदद मुहैया कराया जा रहा है, जिससे वो मुम्बई छोड़ने के लिए मजबूर न हो, फिर कुछ दिन बाद मनोरंजन की दुनिया को एक बार फिर से पटरी पे लाने का एक बार योगदान साबित हो। अभी तक हजारो लोगो को रासन वितरित किया जा चुका है, और विवेक जी का कहना है जितना हो सके हमलोग कोशिश करेंगे, और किन्नर समाज को भी एक अलग पहचान देंगे, किन्नर समाज के लोगो को विवेक जी ने वालंटियर के रूप में रोजगार दिया है और करीब 120 से ज्यादा किन्नर को रासन दिया। विवेक गुप्ता जी का निवेदन है अगर हम चार रोटी खुद खाते है तो जरूरतमंद को दो रोटी खिलाए, व आसपास के सड़क के कुत्ते, बिल्ली, गाय को भी जो हो सके मदद करे, सभी लोग जुड़े और इकतारा परिवार की मुहिम को आगे बढ़ाए। इनका कहना है, जब अपने माँ-बाप का आशीर्वाद रहता है तो आप किसी भी मुकाम को छू सकते, चलते हुए रास्ते मे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता, लेकिन वो सोने की चमक देती है। विवेक जी आज हजारो युवक के लिए रोल मॉडल बन रहे है, कैसे अपने जिद्द से किसी भी उम्र में बिज़नेस में कोई भी युवक आगे बढ़ सकता है, पैसे की तंगी सभी बिज़नेस में होती है लेकिन एक आईडिया आपके बिज़नेस को सात समंदर पार भी ब्रांड बना सकता है, बस आपका नियत और सोच सही होनी चाहिए, आपके कस्टमर आपके विश्वास पे  आते है, जैसे आज भी सबसे बड़ा उदाहरण टाटा समूह है।


 


चैयरमेन (इकतारा ग्रुप)


संस्थापक (इकतारा फाउंडेशन)